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कोरबा@M4S: प्रेस क्लब तिलक भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष करणी सेना राज शेखावत, अवधेश सिंह, राघवेंद्र सिंह, सुनील सिंह, सर्वजीत सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि रायपुर पुलिस द्वारा क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर एवं उनके परिवारजन पर हुए अमानवीय अत्याचार तथा महिलाओं के साथ अश्लीलता के विरुद्ध त्वरित उच्चस्तरीय की जाए। उपरोक्त घटना न केवल मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था और जनता के विश्वास पर भी गहरा आघात है। इसलिए आवश्यक है कि इस मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष, समयबद्ध जांच कराते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। यदि शीघ्र एवं उचित कार्यवाही नहीं की जाती है तो समस्त राजपूत समाज एवं समस्त समाज के कार्यकर्ता और पीड़ित परिवार लोकतांत्रिक व संवैधानिक दायरे में व्यापक विरोध एवं सत्याग्रह करने बाध्य होगें। जिसकी तिथि 7 दिसम्बर को रायपुर में तय की गई है। आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि राजपूत समाज एवं समस्त समाज वीरेंन्द्र सिंह तोमर के अपराध के साथ नही हैं एवं सविधान के दायरे में की गई कार्यवाही का विरोध भी नहीं है। समस्त समाज पुलिस के द्वारा किये गये अमानवीय अपराध एवं समाज की बेटी के साथ की गई अश्लीलता के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि बीते दिनों वीरेन्द्र सिंह तोमर, उनकी पत्नि, माता एवं अन्य परिवार जनों के साथ रायपुर पुलिस के कुछ अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा निरंतर अमानवीय व्यवहार, मारपीट, दुर्व्यहार, अश्लीलता, मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न की पुष्टि सामने आयी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया व सूचना के अनुसार गिरफ्तारी के पश्चात् कस्टडी के दौरान पुलिसकर्मियों ने बिना न्यायिक ओदश के पूर्व ही जुलुस निकालना, हथकडी में घुमाना, नंगे पैर घुमाना, डीके बसु विरुद्ध पश्चिम बंगाल के निर्णय की अनदेखी कर गिरफ्तार व्यक्ति के स्वास्थ्य और सुरक्षा की अनदेखी करना और बेहोश होने पर दोनों पैर पर पुलिसकर्मी द्वारा जूता रखाकर उठाना न केवल मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन किया बल्कि संविधान के अनुछेद 14, 21, 22 का भी उल्लंघन हैं।
साथ ही उनके घर की महिलाओं, जैसे उनकी पत्नि, 72 वर्षीय मॉ, बेटी, और महिला वकील संगीता सिंह के साथ बिना कारण बताये कार्यवाही कर अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने मांग की है कि थाना प्रभारी (टी. आई.) योगेश कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। जिन्होंने रोहित तोमर की पत्नि भावना तोमर के साथ कस्टडी में अश्लील हरकते की। संबंधित सीएसपी राजेश देवांगन को तत्काल निलंबित कर उनके विरुद्ध भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई एवं एफआईआर दर्ज किया जाए। पुलिस अधीक्षक रायपुर लाल उम्मेद सिंह जिनकी अध्यक्षता में मानसिक, शारीरिक उत्पीड़न, कस्टोडियल एक्सेस तथा प्रशासनिक लापरवाही हुई है, उन्हें तत्काल पदमुक्त किया जाए। उन पर भी संवैधानिक अनुच्छेद व धारा के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया जाए।
साथ ही उनके घर की महिलाओं, जैसे उनकी पत्नि, 72 वर्षीय मॉ, बेटी, और महिला वकील संगीता सिंह के साथ बिना कारण बताये कार्यवाही कर अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने मांग की है कि थाना प्रभारी (टी. आई.) योगेश कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध अपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। जिन्होंने रोहित तोमर की पत्नि भावना तोमर के साथ कस्टडी में अश्लील हरकते की। संबंधित सीएसपी राजेश देवांगन को तत्काल निलंबित कर उनके विरुद्ध भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई एवं एफआईआर दर्ज किया जाए। पुलिस अधीक्षक रायपुर लाल उम्मेद सिंह जिनकी अध्यक्षता में मानसिक, शारीरिक उत्पीड़न, कस्टोडियल एक्सेस तथा प्रशासनिक लापरवाही हुई है, उन्हें तत्काल पदमुक्त किया जाए। उन पर भी संवैधानिक अनुच्छेद व धारा के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया जाए।





































