नई दिल्ली(एजेंसी):परीक्षा का दिन खत्म हो चुका था। पूरे भारत में 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपने भविष्य का फैसला ओएमआर शीट में कैद कर दिया था। फिर दस्तक होती है नकल की। पता चला कि यह पेपर तो लीक हो गया।
फोन स्क्रीन पर एक पीडीएफ फाइल आती है और एक टीचर उसे खोलता है। वह उसे एक बार देखता है, यकीन न होने पर फिर से देखता है। फिर एक साथी को फोन मिलाया। इतना ही नहीं पूरी रात जागकर एक-एक सवाल का मिलान किया और सुबह होते-होते NEET UG 2026 परीक्षा अपने ही इम्तिहान में फेल हो गई।
कैसे हुआ पेपर लीक कांड का खुलासा?
3 मई को शाम करीब 6 बजे केमिस्ट्री के एक टीचर NEET की आंसर-की बनाने में मदद करने के बाद अपने किराए के कमरे में लौटे। वह पूरी तरह से थक चुके थे। सीकर में NEET की तैयारी कर रहे छात्रों को 13 साल से कोचिंग दे रहे उस टीचर ने बताया, “मेरे मकान मालिक ने मुझसे कहा, सर कोई पीडीएफ घूम रही है। मैंने उसे देखा और मैं हैरान रह गया।”
पहली नजर में, वह पेपर कुछ जाना-पहचाना सा लगा। उन्होंने कहा, “जब मैंने पीडीएफ में दिए केमिस्ट्री के सवालों को असली पेपर से मिलाया तो मुझे कुछ गड़बड़ लगी। सवाल बहुत ज्यादा थे। फिर मैंने अपने मकान मालिक से कहा कि वह देखे कि क्या उसमें बायोलॉजी के सवाल भी हैं। पता चला कि उसमें बायोलॉजी के सवाल भी थे।”
कोचिंग हब में एग्जाम के दिनों में अफवाहें आम बात हैं लेकिन उन्होंने इस अफवाह को नजरअंदाज नहीं किया। उन्होंने फोन उठाया और बायोलॉजी पढ़ाने वाले अपने एक साथी टीचर को फोन किया। पूरी रात, वे लीक हुई पीडीएफ को असली NEET पेपर से मिलाते रहे। एक-एक लाइन, एक-एक सवाल, एक-एक जवाब मिलाया।
4 मई को पहुंचे पुलिस स्टेशन
आधी रात तक पूरी पहेली सुलझ चुकी थी। उन्होंने कहा, “पेपर लीक हो गया था। मुझे पता था।” 4 मई को सुबह करीब 12:30 बजे वह शिकायत दर्ज कराने की उम्मीद में एक पुलिस स्टेशन गए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें पूरा मटीरियल इकट्ठा करके वापस आने की सलाह दी।
उन्होंने कहा, “हो सकता है कि कुछ कड़ियां अधूरी रह गई हों, इसलिए मैं पुलिस स्टेशन से लौट आया और मटीरियल की जांच जारी रखी।” अपने कमरे में वापस आकर फिर से मिलान किया। स्क्रीनशॉट, तुलनाएं, मिलते-जुलते क्रम… सबूतों का ढेर ऐसे लग गया, जैसे नतीजों के दिन से पहले हल की हुई टेस्ट शीटें रखी हों।
6 मई की शाम तक उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को ईमेल कर दिया था और सीबीआई को भी सूचित कर दिया था। उन्होंने कहा, “7 मई तक मुझे NTA से जवाब मिलने शुरू हो गए थे। गृह मंत्रालय ने भी मुझसे संपर्क किया।” उसके बाद की कहानी सभी को पता ही है।
और रद हो गई परीक्षा
12 मई को NTA ने 3 मई को हुई परीक्षा से जुड़ी बड़े पैमाने पर हुई धांधली और पेपर लीक के आरोपों के बाद NEET-UG 2026 को रद कर दिया। उस टीचर के लिए आवाज उठाने का फैसला बहुत भारी था। लाखों स्टूडेंट्स के सामने उनकी पूरी टाइमलाइन बिखरने, बार-बार तैयारी करने और कोचिंग सेंटर में एक और साल बिताने की चुनौती खड़ी थी।
उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि लाखों स्टूडेंट्स, जिन्होंने NEET-UG की तैयारी में दो से तीन साल लगाए थे उनके सपने चकनाचूर हो जाएंगे। उन्होंने पढ़ाई करते हुए न जाने कितनी रातें बिताईं और इस परीक्षा के लिए अपनी मानसिक और शारीरिक सेहत, दोनों से समझौता किया। मैं चुपचाप नहीं बैठ सकता था।”





































