कोरबा में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई और महत्वपूर्ण उपलब्धि सर्वसुविधायुक्त स्वास्थ्य संस्था शिवाय हॉस्पिटल का शुभारंभ 7 मार्च को

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कोरबा@M4S:छत्तीसगढ़ की ऊर्जा नगरी कोरबा में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में १०० बेड की आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त स्वास्थ्य संस्था शिवाय हॉस्पिटल का शुभारंभ दिनांक ०७ मार्च २०२६, शनिवार को अंचलवासियों के लिए किया जा रहा है। कोरबा प्रेस क्लब में पत्रवार्ता आहूत कर अस्पताल के संचालक डॉ.दिविक एच. मित्तल, न्यूरोसर्जन ने बताया कि अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों, नवीनतम तकनीक एवं अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम से सुसज्जित यह अस्पताल क्षेत्र के नागरिकों को उच्चस्तरीय, सुरक्षित एवं समयबद्ध उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। अस्पताल परिसर को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है, जहाँ स्वच्छता, सुरक्षा एवं रोगी सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। अस्पताल में २४म७ आपातकालीन सेवा उपलब्ध रहेगी। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ एवं आधुनिक उपकरण निरंतर उपलब्ध रहेंगे। भर्ती मरीजों के लिए वातानुकूलित वार्ड, प्राइवेट एवं सेमी-प्राइवेट कक्ष की व्यवस्था की गई है। साथ ही मरीज के परिजनों के ठहरने हेतु समुचित एवं सुरक्षित सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। हाईजेनिक भोजन कक्ष की व्यवस्था अस्पताल परिसर में ही की गई है, जिससे रोगियों को संतुलित एवं स्वच्छ आहार मिल सके। अस्पताल में न्यूरो सर्जरी, शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, हड्डी रोग, जनरल सर्जरी, फिजियोथेरेपी तथा रेडियोलॉजी जैसे प्रमुख विभाग संचालित रहेंगे। बच्चों के लिए समर्पित आईसीयू, २० बेड का अत्याधुनिक नवजात शिशु आईसीयू (हृढ्ढष्ट) तथा २० बेड का वयस्क (एडल्ट) आईसीयू की विशेष सुविधा उपलब्ध रहेगी। चार अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर स्थापित किए गए हैं, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं। डायलिसिस यूनिट की सुविधा भी अस्पताल में उपलब्ध रहेगी, जिससे किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा। डायग्नोस्टिक सेवाओं के अंतर्गत सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, डिजिटल एक्स-रे, ष्ट-्रक्ररू मशीन (विशेष रूप से हड्डी रोग सर्जरी हेतु), एनसीयू एवं ईएमसी जैसी उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। इससे रोग की त्वरित एवं सटीक पहचान कर उपचार प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जा सकेगी। फिजियोथेरेपी विभाग में एडवांस लेज़र तकनीक के माध्यम से उपचार किया जाएगा। सायटिका एवं स्पाइनल डेकोम्प्रेशन ऑपरेशन मशीन द्वारा रीढ़ संबंधी जटिल समस्याओं का समाधान संभव होगा। लकवा (पैरालिसिस) के मरीजों के लिए आधुनिक उपकरणों द्वारा वैज्ञानिक एवं समग्र उपचार पद्धति अपनाई जाएगी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ का पहला स्पाइनल मोबाइलाइज ट्रैक्शन यूनिट यहाँ स्थापित किया गया है, जो स्लिप डिस्क, सायटिका तथा रीढ़ की हड्डी में नस दबने जैसी समस्याओं के उपचार में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगा। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि भविष्य में कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एवं अन्य सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को भी चरणबद्ध रूप से प्रारंभ करने की योजना है, ताकि क्षेत्रवासियों को बड़े महानगरों की ओर रुख न करना पड़े। वर्तमान समय में बदलते जलवायु परिदृश्य, बढ़ती जनसंख्या एवं आकस्मिक स्वास्थ्य चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए च्च्शिवाय हॉस्पिटलज्ज् की स्थापना की गई है। अस्पताल का उद्देश्य केवल उपचार प्रदान करना नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण के भाव के साथ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। च्च्शिवाय हॉस्पिटलज्ज् अंचलवासियों के स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्ध है और किसी भी समय, किसी भी आपात स्थिति में सेवा प्रदान करने हेतु तत्पर रहेगा। पत्रवार्ता में डॉ. आस्था वैष्णव (मैक्सिलोफेसिअल सर्जन), डॉ. अमन श्रीवास्तव (फ़िज़ियोथेरपिस्ट), डॉ. यशा मित्तल (फिजियोथेरापिस्ट) भी उपस्थित थे।

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