कोरबा@M4S:युवती से दैहिक शोषण के आरोपी को पुलिस से बचाने के नाम पर डेढ़ लाख ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह आरोप नगर पालिका परिषद के पूर्व पार्षद पर लगा है। आरोप है कि उसने फोन पे और एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से रकम की वसूली की। जब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की तो पीड़ित को ठगे जाने का अहसास हुआ। उसके दबाव बनाने पर पूर्व पार्षद ने 30 हजार लौटा दिए, लेकिन शेष रकम को देने में आनाकानी कर रहा है। मामले की शिकायत पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से की है।
बांकीमोंगरा थानांतर्गत सुराकछार में सुरेश चंद निवास करता है। उसने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है, जिसके मुताबिक सुरेश के पुत्र के खिलाफ एक युवती ने दैहिक शोषण की शिकायत की थी। जिसकी जानकारी सुरेश को तब लगी, जब उसके मोबाइल पर एक कॉल आया। उस व्यक्ति ने अपना परिचय छिर्रा कटघोरा निवासी रविंद्र मोहन बघेल के रूप में दिया। खुद को नगर पालिका परिषद का पूर्व पार्षद बताते हुए पुलिस अफसरों के साथ उठने बैठने का दावा किया। उसने सुरेश से कहा कि उसके पुत्र साहिल के खिलाफ शिकायत हुई है। बांकीमोंगरा पुलिस एक दो दिन में साहिल को गिरफ्तार कर लेगी। यदि वह चाहे तो साहिल को पुलिस से बचा सकता है। इसके एवज में डेढ़ लाख रूपए की मांग की । सुरेश ने उसके झांसे में आकर 15 मई को 50 हजार ऑनलाइन पेमेंट कर दिया, वहीं रविंद्र के कहने पर 16 मई को साडा कालोनी में एक अन्य व्यक्ति को एक लाख रूपए दे दिए। इसके दूसरे ही दिन 17 मई को बांकीमोंगरा पुलिस सुरेश के घर पहुंची। पुलिस ने साहिल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल दाखिल करा दिया। इस कार्रवाई के बाद सुरेश को अपने ठगे जाने का अहसास हुआ। उसने रविंद्र से बात की तो वह रकम लौटा देने की बात करने लगा। सुरेश के लगातार दबाव बनाए जाने पर रविंद्र ने 30 हजार तो लौटा दिए, लेकिन वह शेष रकम को लेकर घुमाता रहा। आखिरकार उसने सुरेश को ही धमकाना शुरू कर दिया। इस पूरे मामले की शिकायत पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
दैहिक शोषण के आरोपी को बचाने के बहाने डेढ़ लाख की ठगी नगर पालिका परिषद के पूर्व पार्षद पर लगा आरोप
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