नई दिल्ली(एजेंसी):स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर FIFA World Cup 2026 का खिताब जीत लिया। हर तरफ स्पेन के इस कारनामे की चर्चा हो रही है। पर हम यहां आपको बताने जा रहे हैं, स्पेन में मौजूद सबसे अमीर भारतीय (Richest Indian in Spain) के बारे में। जिस भारतीय के बारे में हम बताने जा रहे हैं, उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। आइए जानते हैं कौन हैं ये अरबपति।
कौन है ये इंडियन?
स्पेन में सबसे अमीर भारतीय हरीश फबियानी (Harish Fabiani Net Worth) हैं, जो मैड्रिड में रहने वाले एक ग्लोबल एंटरप्रेन्योर और इन्वेस्टर हैं। वे अमेरिकॉर्प वेंचर्स के फाउंडर और चेयरमैन हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी नेटवर्थ 1.5 अरब डॉलर (करीब 14500 करोड़ रुपये) से ज्यादा आंकी जाती है।
उनकी बड़ी संपत्ति यूरोपियन यूनियन और भारत में प्राइवेट इक्विटी, टेक्नोलॉजी, कमर्शियल रियल एस्टेट और पब्लिक मार्केट में लगी हुई है।
इस बिजनेस ग्रुप के भी है मालिक
अमेरिकॉर्प वेंचर्स के अलावा हरीश इंडियालैंड ग्रुप के चेयरमैन हैं। वे 1997 से विदेशी संस्थागत निवेशकों में से एक रहे हैं। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर, वेंचर कैपिटल और कमर्शियल रियल एस्टेट जैसे कई सेक्टर्स में जमकर पैसा लगाया और कमाया है।
Americorp Ventures एक इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म है जिसने भारत की कई सबसे सफल कंपनियों में निवेश और उन्हें सपोर्ट किया है। इसके शुरुआती इन्वेस्टमेंट में Indiabulls, Edelweiss, Avendus और Phoenix Mills जैसी कंपनियां शामिल हैं।
भारत में प्रॉपर्टी का नेटवर्क
इंडियालैंड ग्रुप के चेयरमैन के तौर पर हरीश भारत में सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करते हैं, जो भारत की डिजिटल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्रोथ को बढ़ावा दे। इंडियालैंड प्रीमियम कमर्शियल रियल एस्टेट और इंडस्ट्रियल पार्क बनाने के लिए फेमस है, जो भारत के प्रमुख शहरी केंद्रों में ग्लोबल बिजनेस की ज़रूरतों को पूरा करते हैं।
इंडियालैंड ने 7 मिलियन स्क्वायर फीट से अधिक का ग्रेड A कमर्शियल और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है और यह फॉर्च्यून 500 कंपनियों, बड़ी टेक कंपनियों और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों के साथ मिलकर काम करती है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई
हरीष ने 1981 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री ली। फिर वे 1983 में स्पेन चले गए, जहां उन्होंने 1988 में IESE मैड्रिड से फाइनेंस और कॉर्पोरेट मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री पूरी की। उनके कॉर्पोरेट सफर की शुरुआत प्राइवेट इक्विटी वर्ल्ड से हुई, जहाँ उन्होंने डीलमेकर और इन्वेस्टर के तौर पर ग्रोथ हासिल की।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हरीश ने अपने बड़े भाई कमल के साथ सबसे पहले इलेक्ट्रॉनिक्स इम्पोर्ट करने का बिजनेस शुरू किया था। आगे चलकर यह कंपनी स्पेन के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में से एक बन गई।
यूएई तक फैला नेटवर्क
हरीश की रियल एस्टेट स्ट्रैटजी बड़े पैमाने पर ग्लोबल है और UAE के रियल एस्टेट मार्केट में उनकी मौजूदगी बढ़ रही है। उनकी इंडियालैंड ने एक बढ़ता हुआ क्रॉस-बॉर्डर पोर्टफोलियो बनाया है, जिसमें थुरया टावर, दुबई मीडिया सिटी और बुर्ज दमन, DIFC, दुबई में प्रीमियम ऑफिस स्पेस, शामिल हैं।







