कोरबा@M4S:जिले में मानसून ने एंट्री के साथ ही जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। 24 घंटे से भी अधिक समय से हो रही बारिश से सड़कों पर जल जमाव और निचली बस्तियों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। यातायात के साथ आम जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई घरों और दफ्तरों में पानी घुसने से समस्या बढ़ गई।
जुलाई माह से मानसून जिले में एक्टिव हो चुका है। पहले तीन दिनों तक बारिश हुई। रविवार सुबह से बारिश शुरू हुई थी। सोमवार को पूरे दिन बारिश की झड़ी लगी रही। लगातार बारिश के कारण शहर की सड़कों पर जल जमाव हो गया। बस्तियों में भी पानी निकासी की समस्या के कारण लोगों का घर से निकला दूभर हो गया। कई घरों में पानी घुसने की घटना सामने आई। खासकर चेकपोस्ट, बेलगिरी नाला बस्ती, परसाभाठा, नेहरूगनर, बेलाकछार, भदरापारा, आरएसएस नगर, इमलीडुग्गू, बुधवारी, गेरवाघाट, चिमनीभट्टा, सीतामढ़ी सहित अन्य इलाकों में जल जमाव की स्थिति रही। कोयलांचल के गेवरा, दीपका इलाके में भी सड़कों पर तेज जल बहाव हो रहा था। लगातार बारिश से कई इलाकों में पेड़ गिरने की घटना हुई है। बारिश से बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी अनेक इलाकों में प्रभावित रही। चाकाबुड़ा क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का असर अब स्कूलों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। चाकाबुड़ा स्थित प्राथमिक व माध्यमिक शाला का पूरा परिसर बारिश के पानी से लबालब भर रहा। विद्यालय का प्रांगण तालाब जैसा नजर आता रहा, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्राथमिक शाला के कई कमरों में भी बारिश का पानी भर गया। कक्षाओं में पानी जमा होने से विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था प्रभावित हो गई है और पढ़ाई-लिखाई बाधित रही। छोटे-छोटे बच्चों को पानी से होकर स्कूल पहुंचना पड़ा। हर वर्ष बरसात के दौरान विद्यालय परिसर में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि उचित जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी विद्यालय परिसर और कक्षाओं में भर जाता है। महापौर संजूदेवी राजपूत ने सोमवार को शहर में भारी वर्षा के बीच निगम क्षेत्र के कोरबा, टीपी नगर, कोसाबाड़ी, रविशंकरनगर, बालको, दर्री, जोन अंतर्गत वार्ड व बस्तियों का दौरा किया। उन्होंने वार्ड पार्षदों व अधिकारियों के साथ जल भराव क्षेत्रों का दौरा करते हुए जल भराव वाले क्षेत्र से पानी की तत्काल निकासी करने, वर्षा की स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए जल भराव की समस्या से निपटने, सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। लगातार हो रही बारिश से नदी, नाले उफान पर आ गए हैं। बालको क्षेत्र अन्तर्गत आजाद नगर पुल के नीचे से गुजरा नाला भी लबालब हो गया। आलम यह रहा कि पुल से तीन फीट ऊपर तक पानी का बहाव होता रहा। जिसके कारण पुल मार्ग से आवागमन बाधित हो गया। जिसके कारण संबंधित इलाकों का संपर्क कट गया। लोगों को घुमकर गंतव्य तक जाना पड़ा। मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में पानी का तेज बहाव देखने को मिला। कई क्षेत्रों में सड़कों से कई फीट ऊपर पानी बहने से आवागमन प्रभावित हो गया। बालको चेकपोस्ट मार्ग से भी कई फीट ऊंचा जल बहाव रहा। जिससे मार्ग से लोग गुजरने में हिचकते रहे। कई लोग जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने मजबूर हुए। खासकर कार्यालय, स्कूल जाने वालों को अधिक परेशानी हुई।
205.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज
जिले में एक जून से 6 जुलाई तक कुल 205.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 183.1 मिलीमीटर, अजगरबहार 147.7, भैंसमा, 220.9, करतला 137.3, बरपाली 207.8, कटघोरा 207.2, दीपका 271.6, दर्री 199.1, पाली 274.2, हरदीबाजार 212, पोंड़ीउपरोड़ा 239.4, और पसान तहसील में 113.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।







