ऑप्शनल, प्रोटेक्टेड और नॉट सर्चेबल… यूजरनेम फीचर पर आई WhatsApp की सफाई; दिए सात सवालों के जवाब

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नई दिल्ली(एजेंसी):व्हाट्सएप के नए फीचर यूजरनेम को लेकर सुरक्षा चिंताओं की चर्चा हो रही है। इस बीच व्हाट्सएप ने गुरुवार को इस फीचर पर स्पष्टीकरण जारी किया है और गोपनीयता, सुरक्षा और पहचान की चोरी से संबंधित चिंताओं को दूर किया गया है।

यूजरनेम फीचर यूसर्ज को अपना फोन नंबर शेयर किए बिना व्हाट्सएप पर जुड़ने की सुविधा देता है, खासकर ग्रुप चैट और नए संपर्कों के साथ बातचीत में। अपने स्पष्टीकरण में व्हाट्सएप ने गोपनीयता, सुरक्षा, पहचान की चोरी, पहचान उजागर होने और खाता सुरक्षा से संबंधित चिंताओं को दूर किया और बताया कि इस फीचर के इस साल के अंत में लॉन्च होने पर यह कैसे काम करेगा।

व्हाट्सएप ने क्या जवाब दिए?

क्या यूजरनेम जरूरी है?

व्हाट्सएप ने कहा कि यह फीचर ऑप्शनल होगा और यूजर्स को यूजरनेम बनाने की जरूरत नहीं होगी। मेटा की कंपनी ने कन्फर्म किया, “नहीं, ये ऑप्शनल है।”

जो यूजरनेम चाहिए वह उपलब्ध न हो तो क्या होगा?

कंपनी ने बताया कि कुछ यूजरनेम क्यों उपलब्ध नहीं हो सकते हैं। मेटा की कंपनी का कहना है कि मौजूदा इंस्टाग्राम और फेसबुक यूजरनेम उनके मालिकों के लिए रिजर्व हैं, जबकि मशहूर हस्तियों, सरकारी संस्थाओं और मेटा वेरिफाइड अकाउंट्स के नाम किसी और के द्वारा इस्तेमाल किए जाने से बचाने के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।

कुछ यूजरनेम उपलब्ध न होने के तीन कारण बताए गए हैं-

  • यह पहले से मौजूद इंस्टाग्रास या फेसबुक यूजरनेम है। ये उनके मालिकों के लिए रिजर्व हैं।
  • हमने मशहूर लोगों, सेलिब्रिटी, सरकारी संस्थाओं और मेटा वेरिफाइड अकाउंट्स जैसे जाने-माने नामों और उनके कुछ वेरिएशन को रिजर्व करके रखा है, ताकि उन्हें सिर्फ उनके असली मालिक ही क्लेम कर सकें।
  • अगर आप उन्हें रिजर्व करने की कोशिश करते हैं तो सिस्टम बताएगा कि वे उपलब्ध नहीं हैं। अगर किसी आम नाम को पहले ही कोई क्लेम कर चुका है तो उस स्थिति में यूजरनेम जनरेटर का इस्तेमाल करें।

क्या होगा अगर कोई मेरे जैसा यूजरनेम बनाकर मेरा रूप धरने या कोई स्कैम करने की कोशिश करे? आप किसी को मेरे जैसा होने का नाटक करने से कैसे रोकेंगे?

प्राइवेसी से जुड़ी चिंताओं पर बात करते हुए व्हाट्सएप ने कहा कि यूजरनेम सर्च करने लायक नहीं होंगे, ठीक वैसे ही जैसे प्लेटफॉर्म पर फोन नंबर नहीं होते। कंपनी ने यह भी कहा कि जब यूजरनेम-बेस्ड मैसेजिंग की सुविधा उपलब्ध होगी तो यूजर्स को पहली बार संपर्क करने वालों के बारे में सुरक्षा से जुड़ी जानकारी मिलेगी। इसमें मौजूदा ब्लॉक और रिपोर्ट टूल के साथ-साथ भेजने वाले के देश और अकाउंट की जानकारी भी शामिल होगी।

कंपनी ने कहा, “अभी मैसेजिंग के लिए यूजरनेम उपलब्ध नहीं हैं। जब ये उपलब्ध होंगे और आपको किसी नए व्यक्ति से मैसेज मिलेगा तो हम आपको उस व्यक्ति के देश और पहली बार संपर्क करने पर एक चेतावनी देंगे।”

कंपनी ने आगे कहा, “जाने-माने लोगों के नाम और उनके अलग-अलग रूप वेरिफाइड मालिकों के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। हम स्कैमर्स के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ब्लॉक और रिपोर्ट पर भी कड़ी नजर रख रहे हैं।”

अगर किसी को मेरा यूजरनेम पता हो या उसका अंदाजा लगा ले तो क्या कोई अनजान व्यक्ति मुझे मैसेज कर सकता है?

यह कन्फर्म हो गया कि यूजरनेम कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे सर्च किया जा सके। कंपनी ने कहा, “जैसे आप व्हाट्सएप पर फोन नंबर सर्च नहीं कर सकते, वैसे ही आप यूजरनेम भी सर्च नहीं कर सकते। किसी को आपसे संपर्क करने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप एक यूजरनेम की (key) जोड़ें और ऐसा यूजरनेम चुनें जो व्हाट्सएफ पर यूनिक हो।”

कंपनी ने आगे कहा, “अनचाहे संपर्क को रोकने के लिए सभी मौजूदा उपाय लागू रहेंगे, जिसमें अनजान भेजने वालों (चाहे वे नए अकाउंट हों, आपके साथ ग्रुप शेयर करते हों, या किसी भी देश में हों) के बारे में जानकारी के साथ चेतावनी देना और ब्लॉक व रिपोर्ट करने की सुविधा शामिल है।”

यूजरनेम की (username key) क्या है?

कंपनी ने एक यूजरनेम की भी पेश की है। यह सुरक्षा की एक अतिरिक्त और वैकल्पिक परत है, जिसके तहत किसी से संपर्क शुरू करने के लिए यूजर का यूजरनेम और की (key) दोनों का पता होना जरूरी है। यूजर्स बाद में अपना यूजरनेम भी बदल सकेंगे, बशर्ते नया यूजरनेम उपलब्ध हो।

इसे इस तरह समझाया गया है, “यह सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत है जिसे आप अपने यूजरनेम के साथ चालू कर सकते हैं, ताकि किसी दूसरे यूजर को आपसे संपर्क करने के लिए आपका यूजरनेम और यूजरनेम की दोनों पता हों। आप अपने यूजरनेम के जरिए नए इनकमिंग संपर्क को रोकने के लिए किसी भी समय अपनी की रीसेट कर सकते हैं।”

व्हाट्सएप ने आगे कहा कि जो यूजर्स अपने इंस्टाग्राम या फेसबुक अकाउंट जैसा ही यूजरनेम चाहते हैं, उन्हें मालिकाना हक वेरिफाई करने के लिए उन अकाउंट्स को लिंक करना होगा। इसके बाद वे चाहें तो उन्हें अनलिंक कर सकते हैं।

कंपनी ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि लोकप्रिय या जाने-माने यूजरनेम कोई भी रिजर्व कर सकता है। कंपनी का कहना है कि ऐसे यूजरनेम सिर्फ उनके असली मालिकों के लिए ही उपलब्ध हैं।

सरकार का व्हाट्सएप को नोटिस

सरकार ने मेटा के मालिकाना हक वाले व्हाट्सएप को निर्देश दिया है कि वह सरकार के साथ बातचीत पूरी होने तक अपना प्रस्तावित यूजरनेम फीचर लॉन्च न करे। सरकार ने चिंता जताई है कि इससे किसी और का रूप धरने (impersonation), फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और वित्तीय धोखाधड़ी को बढ़ावा मिल सकता है।

एक नोटिस में सरकार ने कंपनी से तीन दिनों के भीतर इस फीचर के बारे में विस्तृत जानकारी और उससे जुड़े दस्तावेज जमा करने को कहा। नोटिस में कहा गया, “ऐसा माना जा रहा है कि यह फीचर ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और किसी और का रूप धरकर किए जाने वाले हमलों की घटनाओं को काफी बढ़ा सकता है, क्योंकि इससे गलत इरादे वाले लोग पीड़ितों से संपर्क कर सकते हैं और उन्हें मैसेज भेज सकते हैं।”

इसमें यह चेतावनी भी दी गई है कि व्यक्तियों, सार्वजनिक प्राधिकरणों, वित्तीय संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के नामों से मिलते-जुलते यूजर्स के नाम पहचान की धोखाधड़ी को बढ़ावा दे सकते हैं।

नोटिस पर व्हाट्सएप ने क्या दिया जवाब?

इस नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा, “हमने लोगों को व्हाट्सएप पर अपना पसंदीदा यूजरनेम रिजर्व करने का विकल्प देने की घोषणा की है। यूजरनेम का उपयोग करने की सुविधा अभी पूरी तरह से उपलब्ध नहीं है और इस साल के अंत तक धीरे-धीरे शुरू हो जाएगी।”

कंपनी के प्रतिनिधि ने आगे कहा कि उसने सार्वजनिक हस्तियों, सरकारी संस्थाओं, मशहूर हस्तियों, सत्यापित मेटा खातों के उपयोगकर्ता नाम उनके वैध मालिकों के लिए आरक्षित कर दिए हैं और सुरक्षा उपाय पेश किए हैं जैसे कि उपयोगकर्ताओं को सटीक उपयोगकर्ता नाम जानना अनिवार्य करना, नए उपयोगकर्ताओं तक पहुंच सीमित करना, उपयोगकर्ता नाम कुंजी का अनुमान लगाने के बार-बार प्रयासों को रोकना और प्रतिरूपण और दुरुपयोग के पैटर्न का पता लगाना।

इसमें यह भी कहा गया है कि व्हाट्सएफ इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को फोन नंबर की जरूरत पड़ती रहेगी।

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