कोरबा@M4S:दीपका के गौरव पथ मार्ग पर बीते शुक्रवार को सुबह 6:30 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टला ACB कंपनी के आईचर हाईवा वाहन क्रमांक: CG 12 BF 3647 के चालक ने घोर लापरवाही बरतते हुए रेलवे क्रॉसिंग के पास निर्धारित कच्चे रास्ते को छोड़कर वाहन को प्रतिबंधित पक्की सड़क गौरव पथ की तरफ घुसा दिया ।
वहां मौजूद एक सजग नागरिक ने जब जिम्मेदारी दिखाते हुए चालक को टोकना चाहा और कहा कि आप गलत रास्ते पर आ गए हैं भारी वाहनों से रेलवे क्रॉसिंग पर कच्चा रास्ता से होते हुए पक्की मार्ग के लिए अपने कर्तव्य निर्धारित किया गया है जोकि ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता तब तक के लिए यह रास्ता प्रशासन ने अस्थाई रूप से छूट दिया गया है बस इतना ही कहते ही चालक अपनी गलती मानने के बजाय आक्रोशित हो गया आरोपी चालक सजग नागरिक के साथ ‘तू-तू मैं-मैं’ और बदतमीजी करने लगा मौके पर मौजूद अन्य राहगीरों ने बीच-बचाव कर हाईवा चालक को समझाया जिसके बाद नागरिक ने उसे वापस तय मार्ग पर जाने की हिदायत दी।

क्या है पूरा मामला और नियम?
गौरतलब है कि गौरव पथ मार्ग पर वर्तमान में ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है जो जल्द ही पूरा होने वाला है जब तक यह कार्य पूर्ण नहीं हो जाता तब तक प्रशासन ने भारी वाहनों ट्रेलर-हाईवा के लिए दीपका रेलवे क्रॉसिंग फाटक के पास से कच्चा रास्ता मुख्य मार्ग से होते हुए रास्ता प्रशासन ने अस्थाई रूप से तय किया है इसके बावजूद कोयला परिवहन में लगे कई वाहन चालक नियमों को ताक पर रखकर फाटक के पास के मुख्य मार्ग पर गाड़ियां घुसा रहे हैं ।
पहले भी टूट चुका है लोहे का बैरियर, हो चुके हैं कई हादसे
यह कोई पहली घटना नहीं है पूर्व में भी दीपका रेलवे क्रॉसिंग फाटक के पास प्रशासन द्वारा लगाए गए लोहे के सुरक्षा बैरियर को इन भारी ट्रेलर और हाईवा गाड़ियों ने कई बार टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त किया है इन चालकों की अंधाधुंध और लापरवाही पूर्वक ड्राइविंग के कारण इस क्षेत्र में आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं जिससे आम राहगीरों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है ।
कंपनियों और वाहन मालिकों को चेतने की जरूरत
गौरव पथ मार्ग पर भारी वाहनों के कारण होने वाले हादसों को लेकर पूर्व में कई सामाजिक संगठनों द्वारा उग्र आंदोलन भी किए जा चुके हैं सड़क पर चलने वाले हर एक आम नागरिक की सुरक्षा सर्वोपरि है ।
इस घटना के बाद प्रबुद्ध नागरिकों और स्थानीय जनता ने ACB कंपनी सहित अन्य सभी ट्रांसपोर्ट और निजी ट्रक मालिकों से कड़ी मांग की है कि:-
०१. वे अपने वाहन चालकों (ड्राइवर्स) को समय-समय पर सतर्कता सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों का विशेष प्रशिक्षण दें ।
०२. जनता से दुर्व्यवहार करने वाले ऐसे लापरवाह चालकों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ।
०३. भविष्य में किसी भी राहगीर की जान-माल की हानि न हो इसके लिए कंपनियां खुद आगे आकर जिम्मेदारी लें ।
प्रशासन और प्रबंधन को यह समझना होगा कि जब तक ड्राइवर चालकों को सजग नहीं होंगे तब तक दुर्घटनाओं पर लगाम लगाना मुमकिन नहीं है यदि समय रहते कंपनियां और ट्रक मालिक नहीं जागे, तो क्षेत्र की जनता एक बार फिर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।






