नई दिल्ली(एजेंसी):फीफा वर्ल्डकप की शुरुआत के साथ ही स्पोर्ट्स लवर्स में एक अलग ही जुनून देखने को मिल रहा है। अलग-अलग देशों की फुटबॉल टीम्स को स्क्रीन पर या खचाखच लोगों से भरे स्टेडियम में देखना, हमें एक अलग भी जोश और खुशी से भर देता है।
मैच के दौरान चीखना, चिल्लाना, जीत पर खुशी से झूम उठना या हार पर निराश होना, ये सभी भावनाएं हमें स्पोर्ट्स से एक गहरे स्तर पर जोड़ती हैं। ये भावनाएं सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि रिसर्च के मुताबिक हमारी मेंटल हेल्थ और सोशल कनेक्शन के लिए भी काफी फायदेमंद हैं। आइए जानें कि आखिर स्पोर्ट्स देखने में हमें इतनी खुशी क्यों मिलती है।
अकेलापन दूर होता है
जब भी हम स्टेडियम में कोई मैच देखते हैं, तो हमारे साथ हजारों लोग भी उसी भावना के साथ गुजर रहे होते हैं। यूके में 7 हजार से ज्यादा लोगों पर हुई एक सर्वे के आधार पर हुई रिसर्च के मुताबिक, लाइव स्पोर्ट्स इवेंट में शामिल होने से लोगों में अकेलेपन की भावना काफी हद तक कम होती है।
जब हम स्टेडियम में बाकी फैंस के साथ मिलकर अपनी टीम के लिए चीयर करते हैं, तो एक ग्रुप आइडेंटिटी बनती है, जो हमें सोशल कनेक्शन का एहसास करवाती है और अकेलापन कम महसूस होता है। यह हमारे मेंटल स्ट्रेस को कम करने का काम करता है और हमें खुशी का एहसास होता है।
संतुष्टि की भावना बढ़ती है
रिसर्च के अनुसार लाइव स्पोर्ट्स से लोगों को संतुष्टि और खुशी का एहसास होता है। दरअसल, मैच देखने से हमारा जीवन जीने के नजरिए पर भी फर्क पड़ता है। जब हम अपनी पसंदीदा टीम के लिए चीयर करते हैं और गेम पर फोकस करते हैं, तो हमारा मन हमारी चिंताओं से हटता है और एक शांति का एहसास होता है। हालांकि, यह फायदा स्टेडियम में मैच देखने पर ज्यादा महसूस होता है।
घर बैठे स्क्रीन पर देखने के भी हैं फायदे
अगर आप स्टेजडियम नहीं जा सकते और घर पर मैच देख रहे हैं, तो भी आपकी मेंटल हेल्थ को फायदा मिलता है। साल 2020 में हुई एक स्टडी में पाया गया है कि टीवी पर भी मैच देखने से संतुष्टि का एहसास होता है और वेल-बीइंग में सुधार होता है। हालांकि, स्क्रीन पर मैच देखने से अकेलापन उतना कम नहीं होता, लेकिन मूड बूस्ट करने और स्ट्रेस से राहत पाने में मदद जरूर मिलती है।
हार में मिलता है सहारा
सबसे खास बात यह है कि अगर किसी मैच में आपकी टीम हार भी जाए, तो भी आप सोशल एक्ट का अनुभव करते हैं, जिससे आपको मेंटल सपोर्ट मिलता है। टीम के हारने पर पूरी आपके पास एक पूरी कम्युनिटी होती है, जिसके साथ आप हार की निराशा बांटते हैं। साथ ही, स्पोर्ट्स आपको जिंदगी के लिए एक नया नजरिया देता है, कि उतार-चढ़ाव जीवन का हिस्सा हैं।






