नई दिल्ली(एजेंसी):ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग की तपिश अब भारत के किचन तक पहुंचने लगी है। देश के कई हिस्सों में रसोई गैस (LPG) की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सात समंदर पार चल रहे इस युद्ध से आपके घर का गैस सिलेंडर क्यों प्रभावित हो रहा है?
दरअसल, हमारे चूल्हों में जलने वाली LPG उसी कच्चे तेल (Crude Oil) से बनती है, जो खाड़ी देशों से आयात किया जाता है। युद्ध के कारण इसी तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह चरमरा गई है। इस अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच, आइए आज आसान भाषा में समझते हैं कि खाड़ी देशों से निकलने वाले कच्चे तेल से आपकी रसोई की LPG आखिर बनती कैसे है और यह आपके घर तक कैसे पहुंचती है।
LPG क्या है?
पहले से समय में जहां पारंपरिक ईंधनों जैसे लकड़ी, कोयले या मिट्टी के तेल का इस्तेमाल किया जाता था, वहीं पिछले कुछ समय से LPG ने इन पारंपरिक ईंधनों के धुएं से छुटकारा दिलाकर, भारतीय रसोई को बहुत साफ और सुविधाजनक बना दिया है।

LPG यानी ‘लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस’ (Liquefied Petroleum Gas) बहुत ही आसानी से आग पकड़ने वाली हाइड्रोकार्बन गैस होती है। इसे ‘लिक्विफाइड’ इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसे सामान्य दबाव डालकर तरल यानी लिक्विड फॉर्म में बदला जाता है, ताकि इसे सिलेंडरों में आसानी से भरकर एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सके।
आपकी रसोई गैस के अंदर क्या होता है?
यह तो आप जानते ही हैं कि आपकी रसोई गैस के अंदर LPG होती है, लेकिन यह कोई एक गैस नहीं है, बल्कि गैसों का एक मिश्रण होता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-
- गैस के अंदर क्या होता है: इसके अंदर मुख्य रूप से दो गैसें प्रोपेन और ब्यूटेन होती हैं। ये दोनों कार्बन और हाइड्रोजन से मिलकर बनती हैं और हवा यानी ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर आसानी से जलती हैं।
- केमिकल प्रोसेस: जब हम गैस जलाते हैं, तो एक केमिकल प्रोसेस होती है। इससे कार्बन डाइऑक्साइड, पानी की भाप और ढेर सारी गर्मी यानी एनर्जी निकलती है। यही कारण है कि इस गैस पर खाना बहुत जल्दी पकता है।
गैस की बदबू क्यों आती है?
आपने अक्सर नोटिस किया होगा कि सिलेंडर से हल्की गैस लीक होने पर एक बदबू आती है, जिसे कई लोग LPG की गंध मानते हैं। हालांकि, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि असल में अपने नेचुरल फॉर्म में LPG का न कोई रंग होता है और न ही कोई महक।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि इससे आने वाली गंध किसकी है। दरअसल, सुरक्षा के लिए इसमें ‘इथाइल मरकैप्टन’ (Ethyl Mercaptan) नाम का एक खास केमिकल मिलाया जाता है, ताकि गैस लीक होने पर हमें तुरंत इसकी तेज बदबू आए, जिससे लीकेज के बारे में पता चल सके।
सिलेंडर में कैसे आती है गैस?
इस गैस की खासियत है कि थोड़ा-सा दबाव डालने पर यह पानी जैसी लिक्विड हो जाती है। इसलिए प्रेशर पड़ने पर बहुत सारी गैस को एक छोटे से सिलेंडर में आसानी से स्टोर किया जा सकता है।

कैसे बनती है LPG?
यह गैस सीधे तौर पर वैसी नहीं होती, जैसे हम इसे इस्तेमाल करते हैं। इसे बनाने के दो मुख्य तरीके होते हैं-
- रिफाइनरी प्रोसेस: जब जमीन से कच्चा तेल (Crude Oil) निकाला जाता है और उसे रिफाइनरीज में साफ करके पेट्रोल-डीजल बनाया जाता है, तो उसी प्रक्रिया के दौरान बाई-प्रोडक्ट के रूप में LPG भी निकलती है।
- नेचुरल गैस से: इसके अलावा, जब नेचुरल गैस को प्रोसेस किया जाता है, तब उसमें से भी प्रोपेन और ब्यूटेन को अलग कर लिया जाता है।
बनने के बाद, इस गैस को भारी दबाव में लिक्विड बनाकर बड़ी-बड़ी पाइपलाइनों, गैस टैंकरों या पानी के खास जहाजों के जरिए अलग-अलग जगहों में मौजूद बॉटलिंग प्लांट तक पहुंचाया जाता है, जहां से यह सिलेंडरों में भरकर हमारे घर तक आती है।






































