IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला: हरियाणा में 580 करोड़ रुपये के फ्रॉड मामले में चार आरोपी गिरफ्तार, ACB की जांच जारी

- Advertisement -

पंचकूला(एजेंसी):हरियाणा के स्टेट विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो ने IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए चार लोगों में से दो IDFC फर्स्ट बैंक के पुराने कर्मचारी हैं और दो प्राइवेट लोग हैं। इनकी एक पार्टनरशिप फर्म है।

उन्होंने बताया कि IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड मामले की चल रही जांच के तहत मंगलवार शाम को ये गिरफ्तारियां की गईं। इससे पहले, एंटी-करप्शन ब्यूरो ने एक प्राथमिकी दर्ज की थी, जबकि राज्य सरकार ने फ्रॉड की जांच के लिए एक कमेटी बनाई थी।

590 करोड़ रुपये का फ्रॉड

रविवार को, IDFC बैंक ने हरियाणा सरकार के अकाउंट में अपने कर्मचारियों और दूसरों द्वारा किए गए 590 करोड़ रुपये के फ्रॉड का खुलासा किया। मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में कहा कि सरकार इस फ्रॉड में शामिल किसी को भी नहीं बख्शेगी। विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा और हरियाणा कांग्रेस प्रमुख राव नरेंद्र सिंह ने मामले में CBI जांच की मांग की है।

विधानसभा में जमकर हुए हंगामा

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को विधानसभा में पूरी राशि की रिकवरी की जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार हर पैसे की निगरानी और सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।

उन्होंने इस गंभीर मामले पर वित्त सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी बनाने की घोषणा की। वहीं,  कांग्रेस ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस पर मुख्यमंत्री ने सीधा पलटवार करते हुए कहा कि पहले की सरकारों में गड़बड़ियों की फाइलें दबा दी जाती थीं, इसलिए घोटाले सामने ही नहीं आते थे।

Related Articles