‘न विजन, न बेस और न फेस’, बजट 2026 को लेकर विपक्ष के नेताओं ने क्या-क्या कहा?

- Advertisement -

नई दिल्ली(एजेंसी):वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार (01 फरवरी, 2026) को लोकसभा में आम बजट पेश किया। इसको लेकर विपक्ष के नेताओं ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बजट में न तो विजन है, न बेस है और न ही फेस है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी तक, सभी नेताओं ने बजट 2026 की आलोचना की है।

किसने क्या कहा?

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “मैं कल संसद द्वारा दिए गए मंच का इस्तेमाल करके बोलूंगा।”

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “हमें बहुत कम डिटेल्स मिलीं। 3-4 हेडलाइंस थीं, लेकिन हम ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद का इंतजार कर रहे थे। वह कहां है? हम इसे केरल में चाहते थे। हमारे यहां आयुर्वेद की बहुत पुरानी परंपरा है, लेकिन हमने केरल का नाम नहीं सुना।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने मछुआरों और नारियल के नाम सुने वह केरल हो सकता है, लेकिन जब उन्होंने जहाज की मरम्मत की बात की तो उन्होंने वाराणसी और पटना का नाम लिया लेकिन केरल का नहीं। यह थोड़ा हैरान करने वाला है। लेकिन शायद बजट डॉक्यूमेंट में और डिटेल्स हों। मैंने अभी उसे पढ़ा नहीं है। हालांकि, भाषण में बहुत कम डिटेल्स थीं।”

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा, “उन्होंने बंगाल को एक पैसा भी नहीं दिया है। सिर्फ एक टैक्स है, जीएसटी। वे हमारा पैसा ले रहे हैं और बातें कर रहे हैं। यह हमारा पैसा है। वे बंगाल से जो इकट्ठा कर रहे हैं, वह हमें पूरा फंड नहीं दे रहे हैं।”

टीएमसी चीफ ने आगे कहा, “हमें केंद्र सरकार से दो लाख करोड़ से ज़्यादा मिलेंगे। इसलिए उनके पास सरकार चलाने और देश को इस तरह खत्म करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। वे देश के आर्थिक ढांचे, इस देश के संवैधानिक ढांचे, इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं, अर्थव्यवस्था, सामाजिक क्षेत्र, आर्थिक क्षेत्र, संघीय क्षेत्र सहित स्वतंत्र एजेंसी को खत्म करना चाहते हैं। सब कुछ खत्म हो गया है। सिर्फ ज्दाया बातें और काम कम। वे क्या करते हैं? वे सिर्फ शब्दों की बाजीगरी करते हैं। आपको आम लोगों को फायदा देना होगा ताकि वे सुविधाओं का आनंद ले सकें।”

समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, “यह बजट गरीबों और गांवों में रहने वालों की समझ से बाहर है। इस बजट में कोई नौकरी या रोजगार नहीं दिया गया है। बीजेपी का बजट देश के सिर्फ 5% लोगों के लिए है।”

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा, “आप सब सदन में थे और केंद्रीय वित्त मंत्री 1 घंटे 25 मिनट तक बोलीं। इस पूरे समय में पश्चिम बंगाल का जिक्र एक बार भी नहीं हुआ। इस बजट में युवाओं, किसानों या रोजगार का भी जिक्र नहीं किया गया। यह बजट बिना चेहरे वाला, बिना आधार वाला और बिना विजन वाला है।”

कांग्रेस के अन्य नेताओं ने क्या कहा?

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी कहते हैं, “आप खुद सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों के चेहरे देखिए, वे कह रहे हैं कि इससे ज्यादा निराशाजनक, मनोबल गिराने वाला और धोखे वाला बजट नहीं हो सकता था। वे इसे अपने सभी बजट में सबसे निराशाजनक बजट बता रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि इस बजट में कहीं भी ढूंढ लीजिए, किसानों के लिए कुछ नहीं है, युवाओं के लिए रोजगार के लिए कुछ नहीं है, देश की अर्थव्यवस्था के लिए कुछ नहीं है। कुल मिलाकर, अगर आप देखें तो यह बजट एक खोखले खिलौने जैसा है जिससे कोई आवाज भी नहीं आती। 2,300 से ज्यादा यूनिट्स का बंद होना ही इस बजट की कहानी बताता है।”

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा, “यह बजट केरल के लिए पूरी तरह निराशाजनक है। पिछले 10 सालों से केरल के लिए एम्स के बारे में वादे किए जा रहे हैं, लेकिन इस बजट में इसका कोई जिक्र नहीं है।”

वेणुगोपाल ने आगे कहा, “केरल टूरिज्म, एविएशन और हेल्थ जैसे सेक्टर में काफी योगदान देता है, फिर भी राज्य के लिए कुछ भी ठोस आवंटित नहीं किया गया है। मिनरल रिसोर्स के लिए एक कॉरिडोर सहित जो घोषणाएं की गई हैं, वे दूसरों को ध्यान में रखकर की गई लगती हैं। यह बजट आम लोगों के लिए नहीं है; यह बड़े कॉर्पोरेट्स के लिए है।”

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, “हालांकि दस्तावेजों का विस्तार से अध्ययन किया जाना अभी बाकी है, लेकिन 90 मिनट बाद ही यह स्पष्ट हो गया है कि बजट 2026/27 के बारे में जो भारी माहौल बनाया गया था, उसके मुकाबले यह कहीं कमतर रहा है। यह पूरी तरह फीका साबित हुआ। भाषण भी पारदर्शी नहीं था, क्योंकि इसमें प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजट आवंटन को लेकर कोई भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।”

Related Articles