कूप कटिंग को लेकर ग्रामीणों और वन विभाग में ठनी  वन मंडल कार्यालय के बाहर किया भारी विरोध

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कोरबा@M4S:कोरबा वनमंडल के करतला क्षेत्र में कूप कटाई का भारी विरोध हो रहा है। इसे लेकर स्थानीय आदिवासी ग्रामीण और वन विभाग में ठन गई है। सोमवार को चचिया कोलगा सहित 10 पंचायत के ग्रामीण बड़ी तादाद में कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। यहां कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद ग्रामीण कोरबा वन मंडल के कार्यालय पहुंचे और यहां आंदोलन शुरू कर दिया।
महिलाएं जमीन पर बैठ गई और वन विभाग की कार्यशैली का विरोध करने लगीं। जिसके बाद पुलिस बल को भी मौके पर बुलाया गया। डीएफओ प्रेमलता यादव अपने चैंबर से निकलकर ग्रामीणों से बात करने आईं, ग्रामीणों और डीएफओ की बातचीत के बाद इस आश्वासन पर वह वापस लौटे कि फिलहाल कूप कटाई का काम बंद रहेगा। ग्रामीणों की चिंता का एक विषय यह भी है कि कमर्शियल माइनिंग के तहत जिन कोयला खदानों की नीलामी की सूची केंद्र सरकार के खान मंत्रालय ने जारी की थी उसमें करतला क्षेत्र में कोल ब्लॉक भी शामिल है, लेकिन इस कोल ब्लॉक की नीलामी हुई है या नहीं। वर्तमान स्थिति क्या है यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। इस क्षेत्र में एक कोल ब्लॉक केंद्र सरकार के प्रस्तावित कोयला खनन में परियोजना में शामिल जरूर है, हालांकि वन विभाग का स्पष्ट तौर पर कहना है कि फिलहाल करतला में किसी तरह की माइनिंग की कोई सूचना उन्हें नहीं है। गांव कोलगा की दीप्ति कुजुर का कहना है की कूप कटिंग का विरोध करने गए, कुछ ग्रामीणों की आड़ में फर्जी एफआईआर दर्ज किया गया है। जो लोग घर में थे, अस्पताल में भर्ती थे उन पर भी फर्जी एफआईआर दर्ज किया गया है।  हम सरकार से मांग कर रहे हैं कि इन फर्जी एफआईआर को वापस लिया जाए। अधिकारियों ने बताया कि हम जंगल प्रबंधन के लिए अपने वर्किंग प्लान के तहत कूप कटिंग का काम कर रहे हैं, यह पिछले एक दो साल से प्रस्तावित था। पिछले 15-20 दिन पहले जब कटिंग का काम शुरू किया गया तो ग्रामीण विरोध करने लगे। पेड़ों की गलत मार्किंग की बात कहने लगे। हमने उन्हें समझाइश दी है की मार्किंग को एक बार फिर से वेरीफाई कर लेंगे। कूप कटिंग में ग्रामीणों का ही सहयोग लेंगे जो सूची ग्रामीण उपलब्ध कराएंगे। उन्हें काम दिया जाएगा। कुछ समय पहले ग्रामीणों ने कूप कटिंग के काम में लगे मजदूरों के औजार छीन लिए थे।

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