तनाव मुक्त जीवन जीने की कला सीखने का अवसर  9 नवंबर को एक दिवसीय ध्यान, योग एवं सत्संग का आयोजन

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कोरबा@M4S:शहरवासियों के लिए तनाव मुक्त और आनंदित जीवन जीने की कला सीखने का सुनहरा अवसर एक बार फिर समर्थगुरु धारा मैत्री संघ उपलब्ध कराने जा रहा है। मिशन रोड कोरबा स्थित कल्चुरी जायसवाल भवन में 9 नवंबर को प्रात: 9 बजे से शाम 4 बजे तक एक दिवसीय ध्यान, योग एवं सत्संग का आयोजन किया जा रहा है।
समर्थगुरु धारा मैत्री संघ के जिला संयोजक प्रशांत विश्वकर्मा द्वारा बताया गया कि शिविर में लोग तनाव मुक्त जीवन जीने की कला और आत्मिक शांति तथा आनंदित जीवन जीने के बारे में जान सकेंगे। समर्थगुरु देव ने कहा है कि परमात्मा को मंगलमय जानते हुए स्वधर्म का पालन करें। अर्थात परमात्मा मंगलमय है और जो भी जीवन में प्रतिकूल घटता है उसके प्रति स्वीकार भाव में जीना ही जीवन को आनंदित बनाता है।  शिविर में स्वल्पाहार और दोपहर का भोजन की व्यवस्था भी साधकों के लिए किया गया है। आज के भागदौड़ भरी जीवन शैली, सोशल मीडिया के एडिक्शन आदि के कारण मन हमेशा तनाव और नकारात्मक से भर गया है, और यही बाद में जीवन में हिंसा और डिप्रेशन का रूप ले लेता है। क्योंकि हम सिर्फ अपने शरीर का ही ख्याल रखते हैं और मन को प्रसन्न रखने के लिए जो भी करते हैं वो बाद में दुख और अवसाद का कारण बनता है। क्योंकि मन और आत्मा का भोजन ध्यान है। मन केवल ध्यान के माध्यम से ही आनंदित हो सकता है। शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में भाग लेने आग्रह किया गया है। कोरबा में ध्यान केंद्र का संचालन किया जा रहा है, जिसमें प्रत्यक रविवार को ध्यान, योग और सत्संग किया जाता है। जिसमें सभी शामिल हो सकते हैं। शिविर में गुरू ओशो एवं समर्थगुरू देव के मार्गदर्शन में पेंड्रा से आचार्य संतोष चंद्रा एवं बिलासपुर से आचार्य मां वंदना सिंह द्वारा साधकों को ध्यान, योग एवं सत्संग सीखाया जाएगा, जिससे व्यक्ति अपने भीतर गहराईयों में जाकर अपने मन में शांति एवं आनंद का अनुभव कर सकता है। पूर्व में होटल टॉप इन टाउन में एक दिवसीय ध्यान सत्संग का आयोजन हुआ था, जिसमें कोरबा के 116 साधक शामिल हुए थे। शिविर मे भाग लेने वाले सहभागी अग्रिम बुकिंग करा सकते है।

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