नई दिल्ली। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के मशहूर सहस्त्रधारा में भारी बारिश के बाद देर रात में बादल फटने की घटना हुई है। हादसे के बाद कई दुकानें बह गई हैं।
हालांकि जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सुरक्षित इलाके में पहुंचा दिया है। इसके अलावा अब भी रेस्क्यू का काम चल रहा है। इस हादसे में कम से कम दो लोग लापता हैं।
सभी स्कूल बंद, सीएम धामी की हालात पर नजर
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, भारी बारिश और बादल फटने की घटना को देखते हुए देहरादून में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूल फिलहाल बंद हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वह स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं और स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट किया, “देहरादून के सहस्त्रधारा में कल देर रात भारी बारिश के कारण कुछ दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस मौके पर पहुँच गए हैं और राहत एवं बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। मैं इस संबंध में स्थानीय प्रशासन के लगातार संपर्क में हूं और व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नज़र रख रहा हूं।”
#WATCH | Uttarakhand | Tamsa river in spate and Tapkeshwar Mahadev temple inundated as heavy rainfall lashes Dehradun.
Temple priest Acharya Bipin Joshi says, "The river started flowing heavily since 5 AM, the entire temple premises were submerged… This kind of situation had… pic.twitter.com/4E6PhKBM6K
— ANI (@ANI) September 16, 2025
पीएम और गृह मंत्री ने हालात का लिया जायजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फ़ोन पर बात करके उत्तराखंड में भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।
उन्होंने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया और इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार संकट की इस घड़ी में उत्तराखंड के साथ पूरी तरह खड़ी है। मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सक्रिय है और युद्धस्तर पर बचाव एवं राहत अभियान चलाया जा रहा है।
टपकेश्वर महादेव मंदिर भी जलमग्न
भारी बारिश के कारण तमसा नदी उफान पर है और टपकेश्वर महादेव मंदिर जलमग्न हो गया है। मंदिर के पुजारी आचार्य बिपिन जोशी कहते हैं, “सुबह 5 बजे से ही नदी में तेज़ बहाव शुरू हो गया था, पूरा मंदिर परिसर जलमग्न हो गया था। ऐसी स्थिति बहुत लंबे समय से नहीं आई थी। कई जगहों पर नुकसान हुआ है। लोगों को इस समय नदियों के पास जाने से बचना चाहिए। मंदिर का गर्भगृह सुरक्षित है। अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।”





































