कोरबा@M4S: जिलेभर में बेमौसम बारिश हुई। जिसके कारण फसल को नुकसान पहुंचा है। कुछ फसलों को छोड़ दें तो बारिश के साथ आई आंधी ने किसानों को मायूस कर दिया है। जिले के करतला ब्लॉक में बड़े पैमाने पर किसान आम की खेती करते हैं।अब जब आम पकने को हैं तो तेज बारिश और तूफान के कारण आम पेड़ों से नीचे झड़ गए। जिसके कारण कई किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा। एक अनुमान के मुताबिक बेमौसम बारिश की वजह से आम की फसल को 20 फीसदी नुकसान हुआ है लेकिन किसानों ने इस नुकसान को फायदे में बदलने का तरीका ढूंढ निकाला है।
करतला ब्लॉक के अलग-अलग गांव में किसानों के 2925 एकड़ खेत में आम के बागान मौजूद हैं। औसतन प्रत्येक किसान ने एक एकड़ में आम का बागान लगाया है। कई किसानों के खेत अगल–बगल में होने से दूर-दूर तक यहां आम के बागान दिखाई पड़ते हैं। पिछले वर्ष सभी किसानों ने मिलकर 540 टन आम का उत्पादन किया था। आम की फसल लेने वाले प्रत्येक किसान को एक से डेढ़ लाख रुपए का मुनाफा हो जाता है। करतला में पैदा किए गए आम की डिमांड रहती है। कोरबा, बिलासपुर और जांजगीर–चांपा के मंडी में सभी आम खप जाते हैं। आम की फसल में सबसे पहले पेड़ पर बौर उगते हैं। यही बौर उपयुक्त वातावरण मिलने पर आम का आकार लेते हैं।

जब आम के पेड़ पर बौर उग आए तब भी आंधी तूफान से किसान परेशान थे और अब जब आम से पेड़ लद चुके हैं। यह मध्यम आकार तक पहुंच गए हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों से लगातार मौसम बिगड़ा हुआ है। बीते हफ्ते कोरबा जिले सहित करतला में मौसम काफी खराब रहा। जिससे आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसान और जानकारों से चर्चा करने पर एक अनुमान ये है कि इस साल आम की फसल को लगभग 15 से 20 फीसदी का नुकसान पहुंच सकता है। वहीं बोतली गांव के किसान बोधराम के मुताबिक उन्होंने एक एकड़ में आम के बागान लगाए हैं। बारिश की वजह से काफी आम पेड़ से झड़ गए हैं। ज्यादातर पेड़ दशहरी आम के है जो आम झड़ गए हैं, उससे अमचूर बनाएंगे। अगर लगातार ऐसे ही बारिश आती रही तो और ज्यादा नुकसान हो जाएगा।





































