नई दिल्ली(एजेंसी):फेस्टिव सीजन के बीच केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th pay commission) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। आठवां वेतन आयोग इस समय अपने परामर्श चरण में है और अपनी आधिकारिक सिफारिशें तैयार करने से पहले विभिन्न हितधारकों से चर्चा कर रहा है। इसी सिलसिले में आयोग का एक हाई लेवल पैनल इस हफ्ते 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई के दौरे पर रहेगा। इस दौरे के दौरान आयोग कर्मचारी यूनियनों, फेडरेशनों, पेंशनभोगी संघों और अन्य प्रमुख हितधारकों के साथ मैराथन बैठकें करेगा, जिस पर पूरे देश के लाखों कर्मचारियों की निगाहें टिकी हुई हैं।
कौन संभाल रहा है आयोग की कमान?
रेलवे बोर्ड द्वारा ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेंस (NFIR) को भेजे गए पत्र के मुताबिक, मुंबई (CSMT) को इस दौरे का केंद्र बनाया गया है ताकि ट्रेन संचालन और रखरखाव की विविधता को करीब से देखा जा सके। आयोग के एजेंडे में निम्नलिखित बिंदु सबसे ऊपर हैं।
ट्रैक और सिग्नल का निरीक्षण: आयोग ट्रैक मेंटेनेंस, सिग्नल ऑपरेशन और पटरियों पर काम करने वाले ट्रैक मेंटेनर्स (विशेषकर कीमैन और पेट्रोलमैन) की शारीरिक कठिनाइयों और ड्यूटी के दौरान आने वाले जोखिमों का जायजा लेगा।
रनिंग स्टाफ और हाई-स्पीड कॉरिडोर: आयोग के सदस्य हाई-स्पीड कॉरिडोर पर लोकोमोटिव के भीतर सफर करेंगे ताकि रनिंग स्टाफ द्वारा झेले जाने वाले भारी तनाव और दबाव का अनुभव कर सकें।
कंट्रोल रूम और वर्कशॉप का दौरा: कंट्रोल रूम में ट्रेन संचालन के नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, स्टेशन ऑपरेशन्स के साथ-साथ रेलवे वर्कशॉप में होने वाले कठिन रखरखाव कार्यों का भी बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा।
कर्मचारियों के लिए क्यों खास है यह दौरा?
रेलवे कर्मचारियों और देश भर के अन्य केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि आयोग के इस सीधे फील्ड विजिट से उनकी वास्तविक कामकाजी परिस्थितियों, जोखिमों और कठिनाइयों को करीब से समझने में मदद मिलेगी।
इससे वेतन ढांचे, भत्तों और कार्यकुशलता से जुड़ी सिफारिशों में कर्मचारियों के हितों को सबसे ऊपर रखा जा सकेगा। माना जा रहा है कि यूनियनों के साथ होने वाली इन बैठकों के बाद वेतन आयोग की रिपोर्ट को लेकर तस्वीर और अधिक साफ होगी।





















































